बिजनौर , 07 सितम्बर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर वन विभाग की शिकायत पर भारतीय किसान यूनियन तोमर के पदाधिकारियों समेत 10 लोगों पर शहर कोतवाली में केस दर्ज किया गया है। इन पर वन विभाग के रेंज कार्यालय में हंगामा करने और अवैध लकड़ी से भरे एक सीज ट्रक को छुड़ाने का दबाव बनाने का आरोप है।
वन विभाग की टीम ने आम और सागौन की लकड़ी से भरा एक ट्रक पकड़ा था। यह लकड़ी अवैध रूप से ले जाई जा रही थी। ड्राइवर के पास वैध कागजात नहीं थे, जिसके बाद टीम ने ट्रक को सीज कर दिया था। वन रक्षक मोहित कुमार ने अपनी शिकायत में बताया कि 5 सितंबर को 20-25 लोग रेंज कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने ट्रक छुड़ाने के लिए दबाव बनाया, धरना-प्रदर्शन किया, नारेबाजी की और सरकारी काम में बाधा डाली। इस दौरान रेंजर महेश गौतम और किसान नेताओं के बीच तीखी बहस भी हुई। बाद में पकड़ी गई लकड़ी के संबंध में 25 हजार रुपये की रसीद काटी गई और जबरदस्ती गाड़ी छुड़वाकर ले गए। इस हुड़दंग, धरना प्रदर्शन और विभागीय काम में बाधा डालने की वजह से शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
जिन लोगों पर केस दर्ज किया गया है, उनमें अजय त्यागी, डॉ. सचिन गुप्ता, अमरकांत शर्मा, शादाब उर्फ साहू, जफर इकबाल उर्फ चिटर, अफसर, विशाल, फैसल और शमीम शामिल हैं। एक आरोपी अज्ञात है। शहर कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। क्षेत्रीय वन अधिकारी महेश गौतम ने बताया कि कुछ नाम छूट गए हैं, जिन्हें केस में शामिल करने के लिए शहर कोतवाली पुलिस को एक और पत्र भेजा जा रहा है। इस मामले में डीएफओ बिजनौर जय सिंह कुशवाह ने बताया कि वन विभाग की टीम ने अफजलगढ़ की तरफ से आ रहा एक अवैध लकड़ी से भरा ट्रक पकड़ा था। ड्राइवर के पास कोई वैध पेपर नहीं था, इसलिए गाड़ी को विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया था। इससे किसान नेता नाराज थे।

