मुंबई, नासिक दुष्कर्म मामले के आरोपित अशोक खरात के खिलाफ गुरुवार को दुष्कर्म का आठवां मामला दर्ज किया गया और मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) टीम ने कैनडा कार्नर पर स्थित ओकस प्रापर्टी कार्यालय सील कर दिया है। साथ ही खरात के शिवानिका संस्थान के सभी बैंक खाते भी सील कर दिए गए हैं , मामले की गहन छानबीन जारी है।
इस मामले की छानबीन कर रहे पुलिस अधिकारी ने आज बताया कि सहकार वाड़ा पुलिस स्टेशन में एक पीडि़ता ने दुष्कर्म का मामला दर्ज करवाया है। पीडि़ता ने अपनी शिकायत में कहा है कि आरोपित अशोक खरात ने गुंगी की दवा पिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया था। इस मामले में सहकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में अब तक आठ मामले दर्ज हो चुके हैं। इससे पहले आरोपित अशोक खरात के विरुद्ध वावी पुलिस स्टेशन में रंगदारी का एक मामला दर्ज किया गया है। जबकि आरोपित अशोक खरात के नौकर नीरज जाधव के विरुद्ध एक अन्य मामला दर्ज किया गया है।
इस तरह अब तक आरोपित अशोक खरात खिलाफ कुल 10 मामलें दर्ज हैं और इन सबकी जांच अब एसआईटी कर रही है। इसी सिलसिले में आज एसआईटी टीम की हेड तेजस्विनी सातपुते अपनी टीम और फोरेंसिक टीम के साथ खरात के कैनडा कार्नर स्थित ओकस प्रापर्टी कार्यालय में गई थी। यहां पर पुलिस ने कई स्थानों पर फिंगर प्रिंट लिए और गहन तलाशी ली। इसके बाद इस कार्यालय को एसआईटी ने सील कर दिया।
अब तक की छानबीन में पता चला है कि अशोक खरात ने 150 से ज़्यादा औरतों का यौन शोषण किया। वह औरतों के दिल में हमदर्दी पैदा करने के लिए कपल्स को अपने सामने बिठाता था और पति से कहता था कि वह सिर्फ़ अपनी पत्नी की वजह से सफल है। साथ ही, अशोक खरात लड़कियों को बड़े अधिकारियों और उद्योगपतियों से मिलाता था। यह भी पता चला है कि वह इसके लिए न्यूमरोलॉजी का इस्तेमाल करने का नाटक करता था।
नासिक दुष्कर्म मामला: आरोपित खरात का कार्यालय सील, आठवां मामला दर्ज
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