Thursday, October 15, 2026
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भारत में लोकतंत्र का अर्थ अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना : प्रधानमंत्री

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत में लोकतंत्र का वास्तविक अर्थ अंतिम पंक्ति तक लाभ की पहुंच है। उन्होंने कहा कि सरकार लोक कल्याण की भावना से बिना किसी भेदभाव के हर नागरिक के लिए कार्य कर रही है और इसी कारण बीते कुछ वर्षों में देश में लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं।
प्रधानमंत्री मोदी गुरुवार को संसद भवन परिसर स्थित संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में आयोजित राष्ट्रमंडल के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि जिस ऐतिहासिक केंद्रीय कक्ष में यह सम्मेलन हो रहा है, वह भारत की लोकतांत्रिक यात्रा का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। गुलामी के अंतिम वर्षों में, जब भारत की स्वतंत्रता तय हो चुकी थी, उसी समय इसी केंद्रीय कक्ष में संविधान सभा की बैठकें हुई थीं। स्वतंत्रता के बाद लगभग 75 वर्षों तक यह भवन भारत की संसद रहा, जहां देश के भविष्य से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णय और चर्चाएं हुईं। अब इस लोकतंत्र को समर्पित ऐतिहासिक स्थल को संविधान सदन का नाम दिया गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह चौथा अवसर है जब राष्ट्रमंडल के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन भारत में आयोजित हो रहा है। इस बार सम्मेलन का मुख्य विषय संसदीय लोकतंत्र की प्रभावी कार्यप्रणाली और जनकल्याण तक उसकी पहुंच है।
उन्होंने संसदीय लोकतंत्र में अध्यक्ष की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अध्यक्ष का कार्य स्वयं अधिक बोलना नहीं, बल्कि दूसरों की बात सुनना और सभी को समान अवसर देना होता है। अध्यक्षों का धैर्य ही लोकतंत्र की गरिमा को बनाए रखता है और वे शोरगुल या अत्यधिक उत्साही सदस्यों को भी मुस्कान के साथ संभालते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि स्वतंत्रता के समय कई लोगों को संदेह था कि इतनी विविधताओं वाला देश लोकतंत्र को सफलतापूर्वक चला पाएगा या नहीं, लेकिन भारत ने अपनी विविधता को लोकतंत्र की शक्ति बना दिया। भारत ने यह सिद्ध किया है कि लोकतांत्रिक संस्थाएं और प्रक्रियाएं विकास को स्थिरता, गति और व्यापक विस्तार प्रदान करती हैं।
उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। भारत में विकसित एकीकृत भुगतान प्रणाली आज दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल भुगतान व्यवस्था बन चुकी है। भारत वर्तमान में दुनिया का सबसे बड़ा टीका उत्पादक देश है और इस्पात उत्पादन में दूसरे स्थान पर है।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि भारत में आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा नवाचार और स्टार्टअप परिवेश है। भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा विमानन बाजार बन चुका है। इसके साथ ही भारत के पास दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क और तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो रेल नेटवर्क है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लोकतंत्र भारत के लिए सर्वोपरि है। जनता जनार्दन के सपनों को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने नीतियों से लेकर प्रौद्योगिकी तक हर क्षेत्र में लोकतांत्रिक सोच को अपनाया है, ताकि विकास के मार्ग में कोई बाधा न आए।
उन्होंने कोरोना महामारी का उल्लेख करते हुए कहा कि उस कठिन समय में भी भारत ने अपनी जरूरतों के साथ-साथ 150 से अधिक देशों को दवाइयां और टीके उपलब्ध कराए। मानवता की सेवा, लोगों का कल्याण और विश्व के प्रति जिम्मेदारी की भावना भारत की संस्कृति और लोकतांत्रिक मूल्यों का अभिन्न हिस्सा है।
मोदी ने कहा कि भारत हर वैश्विक मंच पर ग्लोबल साउथ के हितों को पूरी मजबूती से उठा रहा है। अपनी जी 20 अध्यक्षता के दौरान भी भारत ने ग्लोबल साउथ की चिंताओं को वैश्विक एजेंडे के केंद्र में रखा है।

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