Monday, October 12, 2026
Homeदेशश्री काशी विश्वनाथ धाम गर्भगृह में श्री विश्वेश्वर के साथ लड्डू गोपाल...

श्री काशी विश्वनाथ धाम गर्भगृह में श्री विश्वेश्वर के साथ लड्डू गोपाल विराजे,एकसाथ दर्शन पाकर श्रद्धालु निहालश्री काशी विश्वनाथ धाम गर्भगृह में श्री विश्वेश्वर के साथ लड्डू गोपाल विराजे,एकसाथ दर्शन पाकर श्रद्धालु निहालश्री काशी विश्वनाथ धाम गर्भगृह में श्री विश्वेश्वर के साथ लड्डू गोपाल विराजे,एकसाथ दर्शन पाकर श्रद्धालु निहालश्री काशी विश्वनाथ धाम गर्भगृह में श्री विश्वेश्वर के साथ लड्डू गोपाल विराजे,एकसाथ दर्शन पाकर श्रद्धालु निहाल

  • ‘हर के धाम में हरि की अद्भुत छटा’,काशीपुराधिपति के साथ लड्डू गोपाल के दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु, भोर की मंगला आरती में अविस्मरणीय एवं पुण्यदायी क्षण
    ,.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी काशी में शनिवार भोर श्री काशी विश्वनाथ धाम के गर्भगृह में श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय एवं पुण्यदायी क्षण दिखा। प्रातःकालीन वेला में गर्भगृह में बाबा की मंगला आरती के बीच श्री विश्वेश्वर के दिव्य स्वरूप के साथ लड्डू गोपाल ने भी भक्तों को एक साथ दर्शन दिए। बाबा और लड्डू गोपाल के एक साथ दर्शन ने भक्तों के मन को श्रद्धा, भक्ति और आनंद से अभिभूत कर दिया। धाम में हर्षोल्लास एवं समारोहपूर्वक मनाई गई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पश्चात् प्रातःकाल भगवान श्री काशी विश्वनाथ की मंगला आरती के पावन अवसर पर श्री विश्वेश्वर के दिव्य स्वरूप के साथ लड्डू गोपाल के विग्रह भी गर्भगृह में विराजे। इस अलौकिक दृश्य का साक्षी बनने के लिए श्रद्धालु भोर तीन बजे से ही दरबार में पहुंचने लगे। मंदिर न्यास के अनुसार,यह अवसर भक्तों के लिए श्रद्धा, प्रेम और आध्यात्मिक आनंद का अद्वितीय अवसर बना। श्री विश्वेश्वर के अनुग्रह एवं कन्हैया के अनुराग से समस्त सनातन आस्था के श्रद्धालु निरंतर समृद्ध हों, उनका जीवन सुख, शांति, श्रद्धा एवं भक्ति से परिपूर्ण हो तथा सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना निरंतर सशक्त होती रहे,यहीं मंगलकामना दरबार में की गईं।

श्री काशी विश्वनाथ धाम शुक्रवार की देर रात भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और दिव्य आभा से अवलोकित हो उठा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव अत्यंत श्रद्धा, उल्लास एवं पारंपरिक धार्मिक विधि-विधान के साथ मनाया गया। जन्माष्टमी के अवसर पर मध्यरात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद एवं ‘जय श्री कृष्ण’ तथा ‘हर हर महादेव’ के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा। भगवान श्री लड्डू गोपाल के जन्मोत्सव के पश्चात मंदिर न्यास के शास्त्रियों द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना एवं अभिषेक संपन्न कराया गया।

इस अवसर पर भगवान श्री लड्डू गोपाल का दक्षिणावर्ती शंख से अभिषेक, पंचामृत अभिषेक एवं षोडशोपचार पूजन वैदिक परंपराओं के अनुरूप संपन्न हुआ। भगवान को नवीन वस्त्र एवं आकर्षक श्रृंगार से सुसज्जित कर विशेष आरती एवं भोग अर्पित किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप के दर्शन कर स्वयं को धन्य अनुभव किया।

देवाधिदेव महादेव के धाम में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का यह दिव्य आयोजन सनातन संस्कृति की उस अद्भुत समन्वय परंपरा का प्रतीक बना, जिसमें हर के धाम में हरि की आराधना एक अलौकिक आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करती है। काशी विश्वनाथ धाम में महादेव की आराधना के मध्य भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की मनोहारी छटा ने श्रद्धालुओं के मन को भावविभोर कर दिया। भगवान श्री लड्डू गोपाल के विशेष पूजन एवं अभिषेक के दर्शन का पुण्य अवसर श्रद्धालुओं को प्राप्त हुआ। मंदिर परिसर में उत्सव का वातावरण देर तक बना रहा और श्रद्धालुओं ने भक्ति एवं श्रद्धा के साथ भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव में सहभागिता की।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments