मेरठ। सरधना के कपसाड़ गांव में दबंगों द्वारा दलित महिला की हत्या कर बेटी के अपहरण को लेकर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को सपा कार्यकर्ताओं ने कमिश्नरी चौराहे पर भाजपा सरकार का पुतला फूंकने की कोशिश की। जिसके चलते सपा कार्यकर्ताओं की पुलिस से तीखी नोंक-झोंक हुई। पुलिस ने जैसे-तैसे सपा कार्यकर्ताओं से पुतला छीना। बाद में सपा कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन सौंपा।
समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष विपिन चौधरी और सपा नेता हिमांशु सिद्धार्थ के नेतृत्व में शुक्रवार को सपा के दर्जनों कार्यकर्ता कमिश्नरी पर इकट्ठे हुए। जहां से वह ‘योगी-मोदी मुर्दाबाद’ के नारे लगाते हुए कलेक्ट्रेट की तरफ रवाना हुए। सपाइयों के हाथों में पुतला देखकर पुलिसकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद तीन थानों की पुलिस ने सपाइयों को रोकने की कोशिश की तो वह पुलिस से भिड़ गए। इस दौरान पुलिस और सपाइयों के बीच तीखी नोंक-झोंक हुई। आखिरकार पुलिस ने सपाइयों के हाथों से पुतला छीन लिया। इसके बाद सपा कार्यकर्ता नारेबाजी करते कलेक्ट्रेट पहुंचे और कपसाड़ कांड के विरोध में ज्ञापन सौंपा। विपिन चौधरी ने आरोप लगाया कि आरोपियों के राजपूत समाज का होने के कारण उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने और एनकाउंटर की मांग की।

