Monday, August 10, 2026
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सीएम योगी के मिशन को साकार कर रहा जनपद फतेहपुर, एआई एप से हो रही वैक्सीनेशन की निगरानी

लखनऊ। योगी सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए हर स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और आधुनिक तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग करने पर जोर दे रही है। सीएम योगी के विजन को आत्मसात करते हुए फतेहपुर जिले ने एक मिशाल पेश की है, जहां एआई आधारित एप (स्मार्ट वैक्सीनेशन ट्रैकिंग सिस्टम) विकसित कर बच्चों के टीकाकरण की निगरानी की जा रही है। इसी के साथ फतेहपुर जिला प्रदेश का पहला ऐसा जिला बन गया है, जहां बच्चों के वैक्सीनेशन के लक्ष्य को शत प्रतिशत प्राप्त करने के लिए एआई का इस्तेमाल किया जा रहा है। फिलहाल सिस्टम को पायलट प्रोजेक्ट के तहत आकांक्षात्मक ब्लॉक हथगाम में शुरू किया गया है। इसके सफल परिणाम को देखते हुए अब इसे पूरे जिले में शुरू करने की दिशा में कदम बढाए जा रहे हैं। इस एप से ब्लॉक में टीकाकरण की दर में बहुत अच्छा सुधार होते हुए दर 95 प्रतिशत तक पहुंच गयी है।

शत प्रतिशत टीकाकरण को सुनिश्चित करना एप का उद्देश्य

फतेहपुर डीएम रविंद्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य सेवाओं को टेक्नोलॉजी से जोड़ने के विजन के तहत बच्चों के वैक्सीनेशन की निगरानी के लिए एआई आधारित एप को विकसित किया गया है। इसे पायलट प्रोजेक्ट के तहत आकांक्षी ब्लॉक हथगाम में एक सितंबर को लागू किया गया। इससे नवजात शिशुओं और बच्चों के टीकाकरण से जुड़ी सभी जानकारी उनके अभिभावकों को समय पर व्हाट्सएप से प्राप्त हो रही है। इसके साथ ही आसपास होने वाले वीएचएनडी (विलेज हेल्थ एंड न्यूट्रिशन डे) सेशन की जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही। इससे अभिभावक समय रहते अपने बच्चों का टीकाकरण करा रहे हैं। इसी के साथ फतेहपुर प्रदेश का पहला ऐसा जिला बन गया है, जहां बच्चों के वैक्सीनेशन की निगरानी के लिए एआई आधारित एप का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस अभिनव पहल की खास बात यह है कि इसे खुद डीएम रविन्द्र सिंह ने तैयार किया है। एप का उद्देश्य नवजात शिशुओं और बच्चों के शत-प्रतिशत टीकाकरण को सुनिश्चित करना है, ताकि कोई भी बच्चा अपने पहले वर्ष में जरूरी टीकों से वंचित न रह जाए।

एप से टीकाकरण को लेकर समस्या वाले क्षेत्रों को किया जा रहा चिन्हित

डीएम रविंद्र रविंद्र सिंह ने बताया कि एप सबसे बड़ी खासियत इसमें एआई तकनीक के जरिए रियल टाइम मॉनिटरिंग और डाटा एनालिसिस की सुविधा है। इसके माध्यम से उन क्षेत्रों की पहचान आसानी से की जा रही है, जहां टीकाकरण की दर कम है या किसी कारणवश बच्चे टीकाकरण से छूट रहे हैं। एआई आधारित विश्लेषण से न सिर्फ समस्या वाले क्षेत्रों की पहचान हो रही है, बल्कि उसकी वजहों को भी चिन्हित कर त्वरित सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। एप के जरिये मां को टीकाकरण से पहले स्वतः रिमाइंडर संदेश भेजा जाता है, जिससे भूल या जानकारी के अभाव में टीकाकरण छूटने की समस्या को दूर किया जा सके। साथ ही टीकों की मांग और आपूर्ति प्रबंधन भी इस सिस्टम से आसान और मजबूत हुआ है।

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