Tuesday, August 11, 2026
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पंजाब नेशनल बैंक के पांच बड़े अफसर पर करोड़ों रुपये के धोखाधड़ी का आरोप, मुकदमा दर्ज

नोएडा। नोएडा के थाना सेक्टर 49 में एक होटल व्यापारी ने पंजाब नेशनल बैंक के पांच अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। होटल कारोबारी का आरोप है कि बैंक के लोगों द्वारा उनकी 60 करोड़ रुपये की संपत्ति को हड़पने की साजिश रची गई।

थाना सेक्टर 49 के प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार भारद्वाज ने बताया कि बीती रात को नोएडा के सेक्टर-47 निवासी होटल कारोबारी अनिल बब्बर (66) की शिकायत पर नोएडा पुलिस ने बैंक के सर्कल हेड, जोनल मैनेजर और शाखा प्रबंधक समेत पांच के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और साजिश रचने की धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर यह रिपोर्ट दर्ज की है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने इस मामले में पीड़ित की शिकायत पर रविंद्र कुमार पांडे बैंक के सर्किल हेड, नरेंद्र सिंह विष्ट शाखा प्रबंधक, प्रिया रंजन जोनल शाखा प्रबंधक, एस एन दुबे जोनल हेड और मनीष कश्यप एमसीसी हेड तथा अज्ञात लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 120 बी, 420, 467, 468, 471 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज करवाया है। उन्होंने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पीड़ित ने बताया कि वह एक कंपनी में पार्टनर हैं। उन्होंने 2013 में हरिद्वार स्थित पीएनबी की शाखा से होटल खरीदने और संचालन के लिए 9.5 करोड़ रुपये का टर्म लोन लिया था। उस समय नौ प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर तय हुई थी। अनिल बब्बर के अनुसार उन्होंने 2016 तक 13 करोड़ रुपये बैंक को चुका दिया। हैरानी तब हुई जब बैंक ने अचानक उनकी ब्याज दर नौ से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दी और उन पर पांच करोड़ रुपये का अतिरिक्त बकाया दिखा दिया। जब पीड़ित ने आरटीआई लगाई तो बैंक अधिकारियों ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। दबाव बनाने पर बैंक ने अपनी गलती स्वीकार की और 2019 में 30.50 लाख रुपये रिफंड भी किए, लेकिन बाकी की मोटी रकम डकार ली।

पीड़ित कारोबारी ने बताया कि उनके होटल की वर्तमान बाजार कीमत करीब 60 करोड़ रुपये है और उसका कुल रकबा एक लाख वर्ग फुट है। बैंक अधिकारियों ने संपत्ति का मूल्यांकन गिराकर केवल 23 करोड़ रुपये दिखा दिया और कागजों में होटल का रकबा भी घटाकर महज 67 हजार वर्ग फुट कर दिया। आरोप है कि अधिकारी अब सरफेसी एक्ट की आड़ में इस 60 करोड़ की संपत्ति को अपने किसी चहेते के नाम केवल 20 करोड़ रुपये में नीलामी की तैयारी कर रहे हैं। पीडित ने डेंट रिकवरी ट्रिब्यूनल मे भी मामला दायर किया। वहीं आरोपित लगातार पीड़ित को डिफॉल्टर घोषित कर संपत्ति नीलाम करने की धमकी दे रहे है। अब नोएडा पुलिस यह जांच कर रही है कि बैंक के भीतर यह सिंडिकेट कितने समय से सक्रिय है और क्या अन्य कारोबारियों को भी इसी तरह शिकार बनाया गया है।

अनिल बब्बर का आरोप है कि बैंक के सर्कल हेड रविंद्र पांडेय, शाखा प्रबंधक नरेंद्र सिंह बिष्ट, जोनल मैनेजर प्रिय रंजन, जोनल हेड एसएन दुबे और एमसीस हेड मनीष कश्यप ने उनके लोन दस्तावेजों में हेराफेरी की। बैंक के स्वीकृति पत्र तक को होटल के लेटरहेड पर फर्जी तरीके से तैयार कर लिया। जो रिस्क रेटिंग साल में एक बार बदली जानी चाहिए, उसे छह साल के भीतर करीब 15 बार बदल दिया गया।

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