Monday, August 10, 2026
Homeदेशमुख्यमंत्री योगी ने डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के चित्रकूट नोड में बीईएल के...

मुख्यमंत्री योगी ने डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के चित्रकूट नोड में बीईएल के एमडी को 75 हेक्टेयर भूमि का आवंटन पत्र सौंपा

आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को ठोस आधार प्रदान करेगा यह कॉरिडोर

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के चित्रकूट नोड में 75 हेक्टेयर भूमि का आवंटन पत्र भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक मनोज जैन को सौंपा। यह पहल चित्रकूट डिफेंस नोड के व्यवस्थित एवं चरणबद्ध विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण संस्थागत कदम माना जा रहा है, जो प्रदेश में रक्षा विनिर्माण अवसंरचना को सुदृढ़ करने के साथ-साथ बुंदेलखंड क्षेत्र में औद्योगिक आधार के विस्तार को नई गति प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि यह पहल उत्तर प्रदेश को रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में एक सशक्त और विश्वसनीय पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही बुंदेलखंड क्षेत्र के समग्र आर्थिक एवं औद्योगिक विकास को नई गति प्रदान करेगी। मध्य भारत में रणनीतिक रूप से स्थित चित्रकूट नोड अपनी उत्कृष्ट लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी और भौगोलिक अनुकूलता के कारण रक्षा उत्पादन के लिए एक उभरता हुआ केंद्र बन रहा है, जो आने वाले समय में निवेश, रोजगार सृजन और उच्च-प्रौद्योगिकी आधारित औद्योगिक विकास का प्रमुख आधार सिद्ध होगा।

योगी ने कहा कि इस परियोजना के अंतर्गत भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड द्वारा लगभग 562.5 करोड़ रुपये का निवेश करते हुए अत्याधुनिक राडार एवं वायु रक्षा प्रणालियों के निर्माण हेतु एक उन्नत विनिर्माण इकाई स्थापित की जाएगी। यह पहल न केवल रक्षा क्षेत्र में उच्च-प्रौद्योगिकी आधारित उत्पादन को सुदृढ़ करेगी, बल्कि प्रदेश में औद्योगिक दक्षता और तकनीकी क्षमताओं के विस्तार को भी नई दिशा देगी। इसके परिणामस्वरूप 300 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है, जबकि सहायक एवं संबद्ध क्षेत्रों में अप्रत्यक्ष रूप से व्यापक स्तर पर रोजगार सृजन से स्थानीय युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खुलेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट में इस उच्च-प्रौद्योगिकी इकाई की स्थापना से स्थानीय युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जिससे रोजगार के लिए अन्य क्षेत्रों में पलायन करने की आवश्यकता में उल्लेखनीय कमी आएगी। यह परियोजना न केवल क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करेगी, बल्कि तकनीकी रूप से दक्ष मानव संसाधन के विकास, अनुसंधान और नवाचार को भी संस्थागत रूप से प्रोत्साहित करेगी, जिससे प्रदेश में आधुनिक औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण को बल मिलेगा।

उन्होंने कहा कि यह पहल ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को ठोस आधार प्रदान करते हुए रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन क्षमता को निर्णायक रूप से सुदृढ़ करेगी। इसके माध्यम से आयात पर निर्भरता में कमी आएगी और देश में एक सशक्त, आत्मनिर्भर एवं एकीकृत रक्षा औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण संभव होगा। साथ ही, इस परियोजना से सहायक एवं एमएसएमई आधारित उद्योगों के विकास को गति मिलेगी तथा उन्नत तकनीकी सहयोग, नवाचार और ज्ञान हस्तांतरण के नए अवसर सृजित होंगे, जो प्रदेश को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में सहायक सिद्ध होंगे।

मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि चित्रकूट, जो अब तक अपनी समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत के लिए विख्यात रहा है, अब रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में भी एक नई और सशक्त पहचान स्थापित करने की दिशा में अग्रसर है। यहां प्रस्तावित यह उन्नत औद्योगिक इकाई न केवल क्षेत्रीय विकास को नई गति देगी, बल्कि प्रदेश के संतुलित, समावेशी और बहुआयामी विकास के संकल्प को ठोस रूप में साकार करने का कार्य करेगी, जिससे पारंपरिक विरासत और आधुनिक औद्योगिक प्रगति के बीच एक सशक्त समन्वय स्थापित होगा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments