Friday, August 14, 2026
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दिल्ली सरकार ने जम्मू-कश्मीर प्रवासी परिवारों के लिए ‘वन टाइम एमनेस्टी योजना’ को दी मंजूरी

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने जम्मू-कश्मीर से विस्थापित होकर दिल्ली में रह रहे प्रवासी परिवारों के लिए ‘वन टाइम एमनेस्टी योजना’ को मंजूरी दी है।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोमवार को पत्रकार विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी कि दिल्ली सरकार जम्मू-कश्मीर से विस्थापित होकर दिल्ली में रह रहे प्रवासी परिवारों के कल्याण, पुनर्वास और सामाजिक सुरक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी दिशा में कैबिनेट ने जम्मू-कश्मीर प्रवासी परिवारों को प्रदान की जाने वाली एड-हॉक मंथली रिलीफ (एएमआर) योजना से संबंधित महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इस निर्णय से दिल्ली सरकार के साथ पंजीकृत लगभग 1,832 जम्मू-कश्मीर प्रवासी परिवारों को लाभ मिलेगा। यह योजना केवल उन पंजीकृत जम्मू-कश्मीर प्रवासी परिवारों पर लागू होगी, जिन्होंने 31 मार्च 2024 तक राहत प्राप्त की है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार ने जम्मू-कश्मीर प्रवासी परिवारों को राहत प्रदान करने के लिए आय संबंधी पात्रता की शर्त को समाप्त करने का निर्णय लिया है। अब परिवार की आय कितनी भी हो या उसके पास कोई अचल संपत्ति हो, इससे राहत प्राप्त करने की पात्रता प्रभावित नहीं होगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार में पंजीकृत पात्र प्रवासी परिवारों को वर्तमान नियमों के अनुसार राहत प्रदान की जाएगी। एक परिवार में अधिकतम चार सदस्यों तक राहत का लाभ उपलब्ध रहेगा।

मुख्यमंत्री के बताया कि लाभार्थियों के रिकॉर्ड को पूरी तरह सही और व्यवस्थित करने के लिए यह वन टाइम एमनेस्टी योजना शुरू की जा रही है। इसके तहत प्रवासी परिवारों को अपने परिवार के मौजूदा सदस्यों की सही जानकारी और उनके आधार विवरण को अपडेट करने का एक और मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के दौरान अगर किसी लाभार्थी को पहले अनजाने में या किसी तकनीकी गड़बड़ी की वजह से अधिक राहत राशि मिल गई थी तो वह पैसा उनसे वापस नहीं लिया जाएगा। पूरी पहल का मुख्य उद्देश्य सरकारी रिकॉर्ड की गलतियों को सुधारना है ताकि भविष्य में सरकार की तरफ से मिलने वाली राहत केवल सही और पात्र परिवारों तक ही बिना किसी रुकावट के पहुंच सके।

रेखा गुप्ता ने बताया कि वन टाइम एमनेस्टी योजना की कट-ऑफ तिथि, जिसे पहले एक अक्टूबर 2025 निर्धारित किया गया था, अब बढ़ाकर एक अप्रैल 2026 कर दिया गया है ताकि सभी पात्र परिवारों को योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।

मुख्यमंत्री ने बताया कि कैबिनेट ने एड-हॉक मंथली रिलीफ की बकाया राशि के भुगतान से संबंधित व्यवस्था को भी मंजूरी दी है। पूर्व में 30 सितंबर 2025 तक की बकाया राहत राशि के भुगतान का प्रावधान था, जिसे अब बढ़ाकर 31 मार्च 2026 तक कर दिया गया है। परिवारों में सदस्य जोड़ने, हटाने और परिवार के विभाजन (बाइफरकेशन) की सुविधा पूर्ववत जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया परिवारिक संबंधों और वैवाहिक स्थिति के आधार पर निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित एसडीएम एवं तहसीलदार द्वारा सत्यापन भी कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि लाभार्थियों को राहत राशि आधार आधारित डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से प्रदान की जाएगी, जिससे सहायता राशि का पारदर्शी, समयबद्ध और सही वितरण सुनिश्चित होगा। दिल्ली सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि योजना के संचालन में सभी वैधानिक प्रावधानों, वित्तीय नियमों, प्रशासनिक प्रक्रियाओं तथा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन किया जाए। योजना का क्रियान्वयन पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2019-20 से 2024-25 तक इस योजना के अंतर्गत राहत राशि का भुगतान किया गया है। आधार वेरिफिकेशन और रिकॉर्ड अपडेट की प्रक्रिया के बाद लाभार्थियों के विवरण अधिक सटीक हुए हैं, जिसके परिणामस्वरूप हाल के वर्षों में व्यय में भी कमी आई है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना के सुचारु संचालन के लिए 30 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया है। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी पात्र जम्मू-कश्मीर प्रवासी परिवार को राहत प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

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