Thursday, August 6, 2026
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श्री गीत लॉ कॉलेज में वाइवा एवं प्रैक्टिकल के नाम पर कथित अवैध धनउगाही के विरोध में अभाविप ने लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति को सौंपा ज्ञापन

दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई एवं शैक्षणिक अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग, कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी

लखनऊ। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, लखनऊ द्वारा सोमवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जे. पी. सैनी को ज्ञापन सौंपकर विश्वविद्यालय से संबद्ध श्री गीत लॉ कॉलेज, इटौंजा में वाइवा एवं प्रैक्टिकल परीक्षा के नाम पर विद्यार्थियों से कथित रूप से की जा रही अवैध धनउगाही तथा महाविद्यालय में व्याप्त विभिन्न शैक्षणिक एवं प्रशासनिक अनियमितताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की गई।

इससे पूर्व विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता महाविद्यालय पहुंचे और छात्रों की शिकायतों के संबंध में प्राचार्य से वार्ता करने का प्रयास किया,किंतु महाविद्यालय प्रशासन ने संवाद स्थापित करने के बजाय असहयोगपूर्ण एवं अमानवीय रवैया अपनाया, जिसके बाद अभाविप का प्रतिनिधिमंडल लखनऊ विश्वविद्यालय पहुंचा और कुलपति को 6 सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में वाइवा एवं प्रैक्टिकल परीक्षा के नाम पर कथित अवैध धनउगाही, महाविद्यालय में व्याप्त विभिन्न शैक्षणिक एवं प्रशासनिक अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक एवं विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई। साथ ही यह भी अवगत कराया गया कि अनेक गंभीर अनियमितताओं के बावजूद महाविद्यालय वर्षों से संचालित हो रहा है, जिससे विद्यार्थियों के शैक्षणिक हित प्रभावित हो रहे हैं।

कुलपति प्रो. जे. पी. सैनी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायत का संज्ञान लिया तथा संबंधित प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, बक्शी का तालाब जिला के जिला संयोजक अंकित पाण्डेय ने कहा कि शिक्षा संस्थान विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और भविष्य निर्माण के केंद्र होते हैं, न कि उनके आर्थिक शोषण के माध्यम। वाइवा एवं प्रैक्टिकल परीक्षा के नाम पर विद्यार्थियों से कथित अवैध धनउगाही तथा उन्हें मानसिक दबाव में रखना अत्यंत गंभीर विषय है। अभाविप किसी भी परिस्थिति में छात्रों के हितों से समझौता नहीं करेगी। परिषद पदाधिकारी लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन से अपेक्षा करते हैं कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक एवं विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करे। यदि विद्यार्थियों को न्याय दिलाने में किसी प्रकार की शिथिलता बरती गई, तो अभाविप चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी संबंधित महाविद्यालय प्रशासन एवं विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।

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