लखनऊ। उत्तर प्रदेश अपनी समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को पर्यटन से जोड़कर नई पहचान देने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों को ‘स्वतंत्रता संग्राम सर्किट’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में उन स्थानों का पर्यटन विकास कराया जा रहा है, जहां स्वतंत्रता आंदोलन की महत्वपूर्ण घटनाएं हुईं और वीर सेनानियों ने देश की आजादी के लिए संघर्ष किया।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के अऩुसार पर्यटन विभाग का उद्देश्य इन स्थलों को केवल स्मारकों तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसे पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित करना है, जहां आने वाले पर्यटक स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को करीब से जान और महसूस कर सकें। इसके लिए बेहतर कनेक्टिविटी, वे-फाइंडिंग, सौंदर्यीकरण, पर्यटक सुविधाओं और इतिहास की जानकारी देने वाले व्याख्या केंद्रों पर जोर दिया जा रहा है।
ऐतिहासिक स्थलों को मिल रहा नया स्वरूप
वाराणसी : पिण्डरा क्षेत्र के करखियांव गांव में स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े स्थल का पर्यटन विकास कराया जा रहा है। परियोजना के लिए 18.26 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें से आठ करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। गांव में शहीद हुए 26 लोगों की स्मृति में यहां एक म्यूरल पार्क भी बनाया जा रहा है, जिसमें उनकी वीरगाथाओं को म्यूरल के माध्यम से उकेरा जाएगा।
रायबरेली : सदर क्षेत्र में तहसील ऊंचाहार के मुंशीगंज स्थित शहीद स्मारक स्थल का 4.51 करोड़ रुपये की लागत से पर्यटन विकास कराया जा रहा है। परियोजना का करीब 85 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। यह स्थल क्षेत्र के स्वतंत्रता संग्राम और शहीदों की स्मृति को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
लखनऊ : उमरिया मजरे मुसपिपरी गांव में अमर शहीद राजा दिग्विजय सिंह स्मारक का पर्यटन विकास कराया जा रहा है। परियोजना के लिए करीब एक करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें 55 लाख रुपये जारी हो चुके हैं। स्मारक के विकास से स्थानीय स्तर पर स्वतंत्रता संग्राम की विरासत को नई पहचान मिलेगी।
बलिया : सिताबदियारा लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जन्मस्थली है। स्वतंत्रता आंदोलन में उनके महत्वपूर्ण योगदान और राष्ट्र निर्माण की भूमिका को देखते हुए उनके गांव में पर्यटन विकास के माध्यम से उनकी विरासत को संरक्षित और प्रदर्शित किया जा रहा है। इसी क्रम में सेवादास धाम मंदिर का पर्यटन विकास कराया जा रहा है।
बलिया : स्वतंत्रता संग्राम के नायक मंगल पाण्डेय से जुड़े स्मारक स्थल का 1.55 करोड़ रुपये की लागत से सौंदर्यीकरण कराया गया है। इससे बलिया की स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली विरासत को पर्यटन से जोड़ने में मदद मिलेगी।
बलिया : बांसडीह में वीर कुंवर सिंह के नाम पर शहीद स्मारक का निर्माण एवं पर्यटन विकास 86 लाख रुपये की लागत से कराया गया है। यह स्थल स्वतंत्रता संग्राम के वीर सेनानियों की स्मृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।
मेरठ : वर्ष 1857 की क्रांति से जुड़े प्रमुख स्थलों और शहीद स्मारक के पर्यटन विकास के लिए 4.53 करोड़ रुपये की लागत से कार्य कराया गया है। जिले के सीमावर्ती ग्राम भामौरी में सौंदर्यीकरण के साथ शहीदों की स्मृति में स्थापित स्मारक परिसर में संग्रहालय का निर्माण भी कराया जा रहा है, जिसका कार्य लगभग पूरा हो चुका है। इससे 1857 की क्रांति से जुड़ी मेरठ की ऐतिहासिक विरासत को पर्यटकों के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सकेगा।
सहारनपुर : चकवाली गांव में ग्रामीणों ने स्वतंत्रता संग्राम और देशभक्ति की भावना से प्रेरित होकर ‘सुभाष चंद्र बोस भारत सरोवर’ बनाया है।
मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े स्थलों पर बेहतर कनेक्टिविटी, सूचना बोर्ड, व्याख्या केंद्र, वे-फाइंडिंग और सौंदर्यीकरण जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। आजादी की विरासत को पर्यटन से जोड़ने की यह पहल इन स्थलों को नई पहचान देने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ाएगी।

