Friday, August 7, 2026
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उप्र का ब​जट : शिक्षा-स्वास्थ्य और रोजगार पर विशेष फोकस , 10 लाख रोजगार और योगी के बजट में कई बड़े ऐलान

लखनऊ । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में आज वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने उत्तर प्रदेश का वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए 9.12 लाख करोड़ का बजट पेश किया। इसमें निवेश, रोजगार, बुनियादी विकास और कल्याणकारी योजनाओं पर फोकस किया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर विशेष ध्यान रखा गया है। 10 लाख रोजगार देने के साथ साथ 43000 करोड़ की नई योजनाएं भी शुरु करने का ऐलान किया गया है।

वित्तीय वर्ष 2026-2027 : वित्त मंत्री के बजट भाषण का प्रमुख अंश

सरकार की अवस्थापना-प्रधान विकास के प्रति प्रतिबद्धता का यह प्रमाण है कि राज्य ने नीति आयोग द्वारा माह जनवरी, 2026 में जारी एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स, 2024 में देश में लैंड-लॉक्ड प्रदेशों में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

प्रदेश, कृषि उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है। गेहूं, धान, गन्ना, आलू, केला, आम, अमरूद, आंवला और मेंथा उत्पादन में राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का योगदान सर्वाधिक है।

वर्ष 2016-2017 में सिंचित क्षेत्र 2.16 करोड़ हेक्टेयर के मुकाबले प्रदेश में वर्ष 2024-2025 में 60 लाख हेक्टेयर अधिक अर्थात 2.76 लाख हेक्टेयर हो चुका है।

फसल सघनता जो 2016-2017 में 162.7 प्रतिशत थी वर्ष 2024-2025 में 193.7 प्रतिशत हो चुकी है।

वर्ष 2016-2017 की 5,878 मेगावॉट ताप विद्युत उत्पादन क्षमता के सापेक्ष वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-2026 (माह दिसम्बर, 2025 तक) में 55.16 प्रतिशत बढ़ोत्तरी करते हुये 9120 मेगावॉट ताप विद्युत उत्पादन क्षमता प्राप्त की गयी।

हमारी सरकार द्वारा हरित और स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों के विकास पर कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में अब तक कुल 2815 मेगावॉट की सौर ऊर्जा परियोजनाएँ स्थापित की जा चुकी हैं।

हमारी सरकार के पिछले और वर्तमान कार्यकाल में प्रदेश का सर्वांगीण विकास हुआ है, चाहे कानून व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण हो, अवस्थापना सुविधाओं का विस्तार हो, औद्योगिक निवेश हो, रोजगार सृजन हो, महिलाओं का सशक्तीकरण हो, युवाओं का कौशल संवर्धन हो, किसानों की खुशहाली हो, गरीबी उन्मूलन हो।

वर्ष 2024-2025 (त्वरित अनुमान) में प्रदेश की जी0एस0डी0पी0 30.25 लाख करोड रूपये आकलित हुयी है, जो गत वर्ष की तुलना में 13.4 प्रतिशत की वृद्धि परिलक्षित करता है।

प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 1,09,844 रूपये आकलित हुयी है जो वर्ष 2016-2017 में प्रति व्यक्ति आय 54,564 रूपये के दो गुने से अधिक है।

वर्ष 2025-2026 में प्रति व्यक्ति आय 1,20,000 रूपये होने का अनुमान है। प्रदेश में हम लगभग 06 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से ऊपर उठाने में सफल हुये हैं। बेरोजगारी की दर 2.24 प्रतिशत रह गयी है।

एसडीजी इंडिया इण्डेक्स में उत्तर प्रदेश की रैंकिंग जो वर्ष 2018-2019 में 29 वें स्थान पर थी, बेहतर होकर वर्ष 2023-2024 में 18 वें स्थान पर आ गयी है।

राज्य सरकार ने फरवरी, 2024 में चौथे ग्लोबल इन्वेस्टर्स सम्मिट का सफलतम आयोजन किया गया।

अब तक लगभग 50 लाख करोड़ रूपये के एमओयू हस्ताक्षरित हो चुके हैं, जिनसे लगभग 10 लाख रोजगार का सृजन सम्भावित है।

इनमें से, अब तक लगभग 15 लाख करोड़ रूपये के निवेश की लगभग 16 हजार से अधिक परियोजनाओं के 04 ग्राउण्ड ब्र्रेकिंग समारोह सम्पन्न हो चुके हैं।

उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केन्द्र है। देश के कुल मोबाइल फोन उत्पादन का 65 प्रतिशत उत्पादन प्रदेश में होता है।

भारत की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कम्पोनेन्ट्स इकाईयाँ प्रदेश में स्थित हैं। प्रदेश का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रूपये तक पहुंच गया है।

उद्योग और तकनीक में निवेश के साथ ही प्रदेश में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए किये गये प्रयासों के फलस्वरूप उत्तर प्रदेश राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर स्टार्ट अप रैंकिंग में ‘‘लीडर श्रेणी’’ की रैंकिंग हासिल हुई है।

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