Thursday, August 13, 2026
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कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई पर मुख्यमंत्री सरमा ने लगाया पाकिस्तानी लिंक का आरोप

गुवाहाटी। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने रविवार को असम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और लाेकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई से जुड़े पाकिस्तान लिंक के आरोपों को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि किसी वर्तमान सांसद का नाम सामने आने से यह मामला सामान्य जांच से कहीं आगे निकल जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख और कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ गोगोई से जुड़े आरोप राष्ट्रीय सुरक्षा और राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब संसद का एक सदस्य, वह भी विपक्ष का वरिष्ठ नेता, ऐसे मामलों में नामजद होता है, तो इसकी गंभीरता कई गुना बढ़ जाती है।

डॉ. हिमंत बिस्व सरमा राजधानी दिसपुर के लोक सेवा भवन में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि मामले की शुरुआती जांच असम पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने की थी, जिसके बाद सीआईडी पुलिस थाने में औपचारिक मामला दर्ज किया गया। एसआईटी की रिपोर्ट पर विचार के बाद राज्य मंत्रिमंडल इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि मामले की प्रकृति और दायरा ऐसा है, जिसकी जांच किसी केंद्रीय एजेंसी से कराई जानी चाहिए। इसी के तहत केस को आगे की कार्रवाई के लिए गृह मंत्रालय को भेजने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय से सकारात्मक जवाब मिलने के बाद मामला औपचारिक रूप से केंद्र सरकार को सौंप दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई की पाकिस्तानी दूतावास यात्रा को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब वह स्वयं असम में निवेश आकर्षित करने के लिए सिंगापुर में थे, तभी एक तस्वीर वायरल हुई थी, जिसमें गोगोई युवाओं के एक समूह के साथ दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास जाते दिखाई दे रहे थे। डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के अनुसार, उस समय भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त रहे अब्दुल बासित भी वहां मौजूद थे। उन्होंने स्वीकार किया कि शुरुआत में उन्हें यह तस्वीर फर्जी लगी, लेकिन बाद में कांग्रेस नेताओं द्वारा ही इसे सही ठहराए जाने के बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया।

राष्ट्रीय भावना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कारगिल युद्ध में शहीद हुए असम के कैप्टन जिन्टू गोगोई का उदाहरण दिया और कहा कि पाकिस्तान को लेकर देश की भावनाएं और राष्ट्रीय सुरक्षा पर रुख सभी को भली-भांति ज्ञात है।

मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख, जो अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की आलोचना करता रहा है, उसे कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के दौरान 13 बार भारत आने की अनुमति दी गई। उन्होंने दावा किया कि यह सभी यात्राएं उस समय हुईं, जब गौरव गोगोई और उनकी पत्नी एलिजाबेथ गोगोई सत्ता तंत्र से जुड़े हुए थे। उन्हाेंने यह भी कहा कि 2014 के बाद केंद्र में सरकार बदलते ही शेख की भारत यात्राएं पूरी तरह बंद हो गईं।

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि एलिजाबेथ गोगोई ने वर्ष 2011 में अमेरिका से पाकिस्तान की यात्रा की थी और बाद में भारत स्थानांतरित हुईं, जबकि उनके पेशेवर संबंध अली तौकीर शेख से जुड़े रहे। मुख्यमंत्री के अनुसार, ये सभी तथ्य पारदर्शिता और राष्ट्रीय हित से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करते हैं, जिन पर कांग्रेस को जवाब देना चाहिए।

एक और गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गौरव गोगोई ने 14 से 24 दिसंबर, 2013 के बीच पाकिस्तान की एक गोपनीय यात्रा की थी, जिसके दौरान वह डिजिटल रूप से पूरी तरह अनुपलब्ध रहे। सरमा ने कहा कि एक प्रथम बार सांसद द्वारा इस तरह की यात्रा और संभावित बातचीत को लेकर जनता के मन में स्वाभाविक रूप से सवाल उठते हैं।

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि यह मामला केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे राष्ट्रीय हित जुड़े हुए हैं और जनता के सामने पूरी सच्चाई आना जरूरी है।

हालांकि, मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के आरोपों के बाद खबर लिखे जाने तक कांग्रेस पार्टी की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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