Friday, August 7, 2026
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खामेनेई की हत्या के विरोध में प्रदर्शन, तीसरे दिन भी कश्मीर के कई इलाकों में सख्त प्रतिबंध

श्रीनगर, 04 मार्च। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के विरोध में घाटी में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के बाद बुधवार को लगातार तीसरे दिन कश्मीर के कई इलाकों में सख्त प्रतिबंध लगाए गए हैं। एहतियात के तौर पर सरकार ने शैक्षणिक संस्थानों को शनिवार तक बंद कर दिया है, जबकि मोबाइल इंटरनेट की गति धीमी बनी हुई है। कश्मीर के कई हिस्सों में बुधवार को भी लोगों की आवाजाही और एकत्र होने पर प्रतिबंध जारी रहा।
कश्मीर के बड़ी शिया आबादी वाले हिस्सों और उन क्षेत्रों में सख्त प्रतिबंध लागू किए गए हैं, जहां पिछले तीन दिनों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं। प्रदर्शनकारियों की भीड़ को रोकने के लिए शहर भर में बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ के जवानों को तैनात किया गया था। कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगाए गए एहतियाती कदम के तहत शहर में प्रवेश करने वाले महत्वपूर्ण चौराहों पर कॉन्सर्टिना तार और बैरिकेड्स लगाए गए हैं।
शहर के केंद्र लाल चौक में प्रतिष्ठित घंटा घर को सील करने का कदम रविवार को अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हवाई हमलों में खामेनेई की हत्या के बाद बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन देखने के बाद उठाया गया था। अगस्त, 2019 के बाद यह पहली बार है कि कश्मीर में इतने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुआ है। सरकार ने सबसे पहले स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी को दो दिन के लिए बंद करने का आदेश दिया था। हालांकि, मंगलवार को विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर एहतियात के तौर पर शैक्षणिक संस्थानों को शनिवार तक बंद करने का फैसला किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि मोबाइल इंटरनेट की गति लगातार कम की जा रही है, जबकि कुछ प्रीपेड मोबाइल कनेक्शनों पर भी रोक लगा दी गई है। मंगलवार को उत्तरी कश्मीर के सुंबल और पट्टन इलाकों समेत घाटी में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुए। बांदीपोरा जिले के सुंबल में प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों को बल प्रयोग करना पड़ा। श्रीनगर से नेशनल कॉन्फ्रेंस के लोकसभा सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी और श्रीनगर के पूर्व मेयर जुनैद अजीम मट्टू सहित कुछ मीडिया आउटलेट और व्यक्तियों को कथित तौर पर भ्रामक जानकारी प्रसारित करने के लिए पुलिस की कार्रवाई का सामना करना पड़ा। डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कथित तौर पर “झूठी, मनगढ़ंत और भ्रामक सामग्री” प्रसारित करने के लिए मेहदी और मट्टू के खिलाफ साइबर पुलिस स्टेशन, श्रीनगर में बीएनएस धारा 197 (1) (डी) और 353 (1) (बी) के तहत मामला दर्ज किया गया था।

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