Tuesday, August 4, 2026
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जालाैन में जल जीवन मिशन के काम सुस्त, कई गांवाें में क्षतिग्रस्त पाइप लाइनें -सड़कें तक ठीक नहीं

  • जिलाधिकारी ने समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश

  • 1600 किमी सड़कें खाेदी लेकिन 330 किमी का निर्माण अधूर-काम में लापरवाही दिखा रहीं हैं कार्यदायी एजेंसिंयां

उरई, 07 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद जालाैन के जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कलेक्ट्रेट सभागार में जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर जल योजना की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए कहा कि पेयजल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब क्षम्य नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि अवशेष कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण कर आमजन को निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराया जाए।

समीक्षा के दौरान अवगत कराया गया कि योजना के अंतर्गत जनपद में लगभग 1600 किलोमीटर सड़कों की खुदाई की गई थी, जिनमें से 1260 किलोमीटर सड़कों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। जांच में यह भी सामने आया कि 264 ग्राम पंचायतों में लगभग 330 किलोमीटर सड़क निर्माण अभी अवशेष है। इस पर जिलाधिकारी ने कार्यदायी एजेंसियों जीवीपीआर एवं बीजीसीसी को निर्देश दिए कि 31 जनवरी तक प्रत्येक ग्राम पंचायत में सड़क पुनर्निर्माण का कार्य अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए।

बैठक में विभिन्न स्थानों पर निर्माण कार्यों के दौरान क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों के कारण कई ग्रामों में पिछले चार माह से बाधित जलापूर्ति हुई है। जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग और संबंधित निर्माण खंडों को निर्देश दिए कि ग्राम कुरकुरू, करथरा, गुढ़ा, सिमरिया, टीहर, धन्जा एवं गिरथान सहित सभी प्रभावित गांवों में क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों को जनवरी माह के भीतर दुरुस्त कर जलापूर्ति सुनिश्चित कराएं।

जिलाधिकारी ने कहा कि पुलिया एवं कल्वर्ट निर्माण के दौरान पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, इसलिए भविष्य में ऐसे निर्माण कार्यों के प्राक्कलन में पाइपलाइन शिफ्टिंग को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा किसी भी खुदाई कार्य से पूर्व प्रतिदिन व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से वर्क प्लान साझा किया जाए, जिससे आपसी समन्वय स्थापित कर नुकसान से बचा जा सके। विद्युत आपूर्ति संबंधी समस्याओं पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि कोटा मुस्तकिल पेयजल योजना के अंतर्गत इंटेकवेल एवं जल शोधन संयंत्र को स्वतंत्र फीडर से जोड़ा जाना आवश्यक है, ताकि लो वोल्टेज की समस्या समाप्त हो सके।

इन गांवाें में काम बेहद सुस्त

सहाव, धनौरा कलां, सरावन, सारंगपुर, मिझौना, सिंगपुरा एवं चतेला नलकूप पेयजल योजनाओं में स्थापित ट्रांसफॉर्मरों पर दो दिन के भीतर विद्युत आपूर्ति प्रारंभ कराने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्थाओं को चेतावनी देते हुए कहा कि मैनपॉवर बढ़ाकर सड़क पुनर्निर्माण, पाइपलाइन मरम्मत और जलापूर्ति कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर घर जल योजना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस अवसर पर अधिशाषी अभियंता नमामि गंगे ग्रामीण अंचल गुप्ता, जिला पंचायत राज अधिकारी राम अयोध्या प्रसाद आदि सहित सम्बंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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