Tuesday, June 16, 2026
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मऊ में तैनात सिपाही गिरफ्तार, ट्रांसफर-पोस्टिंग के नाम पर ठगी का आरोप

मऊ। मऊ जिले में तैनात आरक्षी गजेंद्र यादव के खिलाफ एक अत्यंत गंभीर मामला सामने आया है। अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने शनिवार काे बताया कि गजेंद्र यादव वर्तमान में घोसी क्षेत्र में लगी पुलिस गारद में तैनात था। उसके संबंध में लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि वह पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों को झूठे आश्वासन देकर ट्रांसफर-पोस्टिंग कराने के नाम पर पैसे लेता था। इतना ही नहीं, वह कई लोगों से उधार धनराशि लेकर उसे वापस भी नहीं करता था, जिससे उसके खिलाफ असंतोष बढ़ता जा रहा था।

ऑनलाइन गेमिंग और जुए की लत बनी बड़ी वजह

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपित सिपाही को ऑनलाइन गेमिंग और जुए की लत थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वह ऑनलाइन गेम्स और सट्टेबाजी जैसी गतिविधियों में बड़ी रकम गंवा देता था। माना जा रहा है कि आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए वह लोगों को झूठे बहाने बनाकर अपने जाल में फंसाता था और उनसे पैसे ऐंठता था। इसी आदत के कारण वह लगातार कर्ज और आर्थिक संकट में घिरता गया तथा अवैध तरीके से धन जुटाने की कोशिश करता रहा।

जन सेवा केंद्र संचालिका से एक लाख रुपये से अधिक की ठगी

घटना के अनुसार, आरोपित सिपाही कोपागंज स्थित एक जन सेवा केंद्र पर पहुंचा, जहां उसने केंद्र की संचालिका महिला से संपर्क किया। उसने महिला को बताया कि उसके घर में निर्माण कार्य चल रहा है और घर के लिए कुछ सामान खरीदना है। उसने यह भी कहा कि उसकी बैंकिंग लिमिट समाप्त हो गई है तथा एक लाख रुपये से अधिक मूल्य का सामान लेना है, इसलिए उसे तत्काल धनराशि उधार दे दी जाए। खुद को कोपागंज थाने में तैनात बताकर उसने महिला का विश्वास जीत लिया। पुलिसकर्मी होने के कारण महिला ने उसकी बातों पर भरोसा किया और उसे रकम दे दी, लेकिन बाद में वह पैसे लेकर फरार हो गया।

पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल, होगी विभागीय कार्रवाई

मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपित सिपाही को गिरफ्तार कर लिया। अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने बताया कि सिपाही होने के बावजूद उसके खिलाफ किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती गई और उसे संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है। न्यायालय से उसका रिमांड भी स्वीकृत हो चुका है। अब विस्तृत जांच की जाएगी कि उसने किन-किन लोगों को धोखा देकर धनराशि हासिल की है। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि आरोपित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी और दोष सिद्ध होने पर कठोर दंड सुनिश्चित किया जाएगा।

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