Tuesday, June 16, 2026
Homeदेशवाराणसी में पौष पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा में लगाई आस्था...

वाराणसी में पौष पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा में लगाई आस्था की डुबकी,किया दानपुण्य

वाराणसी। घने कोहरे की फुहारों और कड़ाके की ठंड के बीच पौष पूर्णिमा पर शनिवार को धार्मिक नगरी वाराणसी में श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा में आस्था की डुबकी लगाई और दान–पुण्य किया। गंगा घाटों पर भोर से ही “हर-हर गंगे” और “काशी विश्वनाथ शंभो” के जयघोष गूंजते रहे, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय बना रहा। स्नान-दान के पश्चात श्रद्धालुओं ने श्री काशी विश्वनाथ, माता अन्नपूर्णा सहित अन्य प्रमुख देवालयों में विधिविधान से पूजा-अर्चना की।

कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। इसका प्रमुख कारण पौष पूर्णिमा से प्रयागराज माघ मेले की शुरुआत होना भी माना जा रहा है, जिससे धार्मिक आस्था और अधिक प्रबल दिखी। स्नान पर्व के मद्देनज़र गंगा घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस, पीएसी के साथ-साथ एनडीआरएफ के जवानों ने गंगा में विशेष नौकाओं के माध्यम से लगातार गश्त की। श्रद्धालुओं की आवाजाही के कारण दशाश्वमेध घाट, शीतला घाट, अहिल्याबाई घाट, पंचगंगा घाट, तुलसी घाट, अस्सी घाट और सामने घाट सहित प्रमुख घाटों पर भोर से ही चहल-पहल बनी रही। दिन चढ़ने तक श्रद्धालु स्नान के लिए घाटों पर पहुंचते रहे।

गौरतलब है कि पौष मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को पौष पूर्णिमा कहा जाता है। इस दिन पौष मास का समापन और माघ मास का शुभारंभ होता है। कर्मकांडी प्रदीप पांडेय ने बताया कि पौष पूर्णिमा के दिन किए गए धार्मिक अनुष्ठान, स्नान और दान से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन धनवृद्धि और इच्छित सिद्धि के लिए किए गए उपाय फलदायी माने जाते हैं।

उन्होंने बताया कि सनातन धर्म में माघ मास के स्नान का विशेष महत्व है। प्रयागराज संगम तट पर कल्पवास करने वाले श्रद्धालुओं के लिए पूर्णिमा से स्नान आरंभ करना अत्यंत पुण्यदायक माना जाता है। मान्यता है कि पौष पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान से आत्मा की शुद्धि होती है और पापों का नाश होता है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments