Tuesday, June 16, 2026
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उत्तर प्रदेश में एसआईआर की समय सीमा 31 दिसंबर तक बढ़ी

लखनऊ । केंद्रीय चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश में विशेष गहन नरीक्षण (एसआईआर) के लिए समय सीमा 31 दिसंबर तक बढ़ा दी है।

उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने आयोग को पत्र भेज कर और समय सीमा बढ़ाने की मांग थी ताकि मृतक, स्थानांतरित और अनुपस्थित मतदाताओं का पुन: सत्यापन कराया जा सके। एसआईआर की पहले यह समय सीमा आज 11 दिसंबर काे खत्म हाे रही थी। चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के अलावा गुजरात, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु राज्य और केंद्र शासित अंडमान में भी एसआईआर की समय सीमा बढ़ा दी है।
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि उत्तर प्रदेश में अब तक 99.24 प्रतिशत गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन का काम हो चुका है। डिजिटाइज गणना प्रपत्रों में 18.85 प्रतिशत गणना प्रपत्र असंग्रहीत यानी मृतक, स्थाई रूप से स्थानांतरित, अनुपस्थित और दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं की श्रेणी में चिह्नित किए जा चुके हैं। अभी तक 80.29 प्रतिशत गणना प्रपत्र मतदाता व उसके परिवार के अन्य सदस्य के हस्ताक्षर से वापस मिल चुके हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने आगे बताया वर्तमान में स्थिति यह है कि उत्तर प्रदेश में 18.85 प्रतिशत लगभग 2.91 करोड़ मतदाताओं के गणना प्रपत्र असंग्रहीत श्रेणी के हैं, जिसमें सर्वाधिक 8.22 प्रतिशत यानी लगभग 1.27 करोड़ स्थायी रुप से अपने निवास स्थान से स्थानांतरित मतदाता हैं। इसके अलावा 2.98 प्रतिशत यानी लगभग 45.95 लाख मृतक मतदाता, 1.5 प्रतिशत यानी लगभग 23.69 लाख ऐसे मतदाता हैं, जो पहले से ही किसी अन्य जगह भी मतदाता हैं। इसी प्रकार 0.62 प्रतिशत या 9.58 लाख ऐसे मतदाता हैं, जिन्होंने गणना प्रपत्र लेकर अभी तक वापस जमा नहीं किया। वहीं, 5.49 प्रतिशत यानी 84.73 लाख मतदाता अनुपस्थित हैं।
सूची में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि ऐसे मतदाता जिनका नाम वर्ष-2025 की मतदाता सूची में न होने से उनको गणना प्रपत्र नहीं प्राप्त हुए, उनसे फार्म-6 भरवाएं जाएंगे। इसी तरह 1 जनवरी को 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे युवाओं को मतदाता बनने के लिए फार्म-6 भरवाए जाएंगे।
असंग्रहीत मतदाताओं की सूची वेबसाइट पर उपलब्ध
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से भी अपील की है कि मृतक, स्थाई रूप से स्थानांतरित, अनुपस्थित और दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं के सत्यापन में सहयोग करें। उन्होंने बताया कि सभी बूथ लेवल अधिकारी बैठक कर अपने- अपने क्षेत्र के बूथ लेवल एजेंट को 12 दिसंबर तक असंग्रहीत मतदाताओं की सूची उपलब्ध कराएंगे। लोगों की सुविधा के लिए यह सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर भी उपलब्ध रहेगी।

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