नरेश कुमार /यूरेशिया
ननौताब्लॉक। में स्वच्छ भारत मिशन विकास खंड ननौता की ग्राम पंचायत में 5 वर्ष पूर्व बनाए सामुदायिक शौचालय कहीं खंडहर में तब्दील हो गए तो कहीं पर ताले लटके हैं। कई जगहों पर शौचालयों के चारों तरफ झाड़ियां उग गईं हैं। यह स्थिति तब है, जब स्वच्छ भारत मिशन योजना केंद्र और प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल है। करोड़ लागत से शौचालय बनाए गए थे, लेकिन सरकारी धन को पलीता लगा है। देखरेख के लिए स्वयं सहायता समूहों को शौचालय सौंपे जाने थे, लेकिन अधिकांश जगहों पर ऐसा नहीं हुआ है। शौचालय ग्रामीणों के प्रयोग में नहीं आ सके हैं। शौचालयों को खुला रखने की जिम्मेदारी ग्राम प्रधानों को दी गई थी। इसको लेकर अनेक ग्राम पंचायतों में ऐसी ही स्थिति मिली।
बंद मिला शौचालय, लटके थे ताले
ननौता के ग्राम इंद्रावली कल्याणपुर में सामुदायिक शौचालय पर बड़ी-बड़ी झाड़ियां अधूरा निर्माण यहां के निवासी रमेश कुमार, भोपाल सिंह, मांगेराम का कहना है कि बनने के बाद एक दिन भी शौचालय का दरवाजा नहीं खुला है। शौचालय में पूरी तरह निर्माण भी नहीं हुआ है। बनने के बाद ही सामुदायिक शौचालय खंडहर में तब्दील हो गया है।पानी के पाइप, टैंक, टाइल्स भी नहीं लगाई गई।उग गई झाड़ियां, कूड़ा डाल रहे लोग
में सामुदायिक शौचालय के बाहर झाड़ियां और घास उगी है। शौचालय के बाहर उपले डाला जा रहे है।
शौचालय नहीं खंडहर कहिए जनाब
बड़गांव क्षेत्र के गांव बहेड़ा के मजरे रत्नाहेड़ी में बना सामुदायिक शौचालय खंडहर में तब्दील हो गया है। शौचालय के बाहर झाड़ियां खड़ी हैं। इसका गड्ढा भी क्षतिग्रस्त हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार निर्माण के बाद शौचालय प्रयोग में ही नहीं आया है। ग्राम प्रधान रमेश कश्यप ने बताया कि शौचालय उनके कार्यकाल से पूर्व बना है। यह श्मशान घाट की भूमि पर बनाया था। ग्रामीण उस तरफ नहीं जाते हैं।
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जिन ग्राम पंचायतों में शौचालय बंद पड़े हैं। उनकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों को शौचालय खुले रखने की जिम्मेदारी दी गई थी। लापरवाही पर कार्रवाई होगी। – डीपीआरओ प्रमोद कुमार

