Sunday, August 2, 2026
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आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने वाला है केंद्रीय बजट: पंकज चौधरी

लखनऊ, 03 फ़रवरी। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने मंगलवार को राजधानी लखनऊ स्थित पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पर केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि 01 फरवरी को प्रस्तुत किया गया केंद्रीय बजट केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत-2047 और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने का एक सशक्त और दूरदर्शी विजन डॉक्यूमेंट है।
पंकज चौधरी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार ने आमजन की सुविधाओं, नवाचार, आर्थिक वृद्धि, रोजगार सृजन और समावेशी विकास पर निरंतर फोकस किया है। इसी सोच का स्पष्ट प्रतिबिंब बजट 2026-27 में देखने को मिलता है, जो किसान, युवा, महिला, उद्यमी और मध्यम वर्ग सहित सभी वर्गों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने आधारभूत संरचना को अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानते हुए इसके लिए अब तक का सबसे निरंतर और मजबूत निवेश किया है। वर्ष 2014-15 में जहां इन्फ्रा बजट मात्र 2 लाख करोड़ रुपये था, वहीं इसे चरणबद्ध रूप से बढ़ाकर अब 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो अपने आप में ऐतिहासिक उपलब्धि है।
श्री चौधरी ने कहा कि बजट में देश को सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की सौगात दी गई है, जिनमें दिल्ली-वाराणसी एवं वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर विशेष रूप से उत्तर प्रदेश को लाभ पहुंचाएंगे। इन परियोजनाओं से नोएडा, आगरा, लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों को तेज़-गति से जोड़ने में मदद मिलेगी, जिससे यात्रा समय घटेगा, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी। इसके साथ ही पूर्व में डांकुनी से पश्चिम में सूरत तक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण का निर्णय लिया गया है, जिसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा उत्तर प्रदेश में होगा। अगले पांच वर्षों में 20 नए वाटरवेज़ शुरू किए जाएंगे, जिससे लॉजिस्टिक्स अधिक किफायती होगी। इसी क्रम में वाराणसी में गंगा जलमार्ग पर जलयान मरम्मत एवं शिप-रिपेयर केंद्र विकसित किए जाने की घोषणा की गई है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
श्री चौधरी ने बताया कि पांच लाख से अधिक आबादी वाले टियर-2 एवं टियर-3 शहरों में सिटी इकोनॉमिक रीजन विकसित किए जाएंगे, जिन पर अगले पांच वर्षों में प्रति शहर 5000 करोड़ रुपये तक खर्च किए जाएंगे।

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