लखनऊ। विकसित भारत 2047 का संकल्प अब वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में भी चर्चा का विषय बनता जा रहा है। दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच भारत जिस तेजी से अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है, उसमें उत्तर प्रदेश की भूमिका निर्णायक होती दिख रही है। नौ लाख, 12 हजार, 696.35 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक बजट के साथ प्रदेश ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह केवल भारत का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य नहीं, बल्कि भविष्य की आर्थिक ताकत बनने की दिशा में अग्रसर है।
वित्तीय वर्ष 2026-2027 के बजट को लेकर वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने कार्यकाल के पहले दिन से ही प्रदेश के हर वर्ग और हर क्षेत्र के विकास के लिए अथक परिश्रम किया है और उनका यह संकल्प है-‘यही जुनून, यही ख्वाब मेरा है। दिया जला के रोशनी कर दूं जहां अंधेरा है’।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 का संकल्प राज्यों की आर्थिक ताकत पर आधारित व्यापक दृष्टि है। देश को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के अभियान में उत्तर प्रदेश अपनी जनसंख्या, संसाधन और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के कारण केंद्र में आ खड़ा हुआ है। वित्तीय वर्ष 2026–27 का नौ लाख,12 हजार, 696.35 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट इसी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2029-30 तक राज्य की अर्थव्यवस्था एक ट्रिलियन डालर तक पहुंचाने के साथ ही आजादी के 100वें वर्ष 2047 तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था को छह ट्रिलियन डालर तक पहुंचाने का लक्ष्य है। पहले की सरकारें अर्थव्यवस्था विस्तार के बजाय संतुलन साधने में व्यस्त थी
वित्त मंत्री ने कहा कि एक दौर था जब प्रदेश का बजट मुख्यतः वेतन, पेंशन और कल्याणकारी योजनाओं के इर्द-गिर्द केंद्रित रहता था। पूंजीगत व्यय सीमित था और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी थी। राज्य की अर्थव्यवस्था विस्तार के बजाय संतुलन साधने में अधिक व्यस्त दिखाई देती थी।
निवेश आधारित विकास मॉडल
सुरेश खन्ना ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026–27 का बजट पिछले वर्ष की तुलना में 12.9 प्रतिशत अधिक है। कुल बजट का 19.5 प्रतिशत पूंजीगत परिव्यय के लिए निर्धारित किया गया है,जो यह दर्शाता है कि सरकार बुनियादी ढांचे, औद्योगिक गलियारों, एक्सप्रेस-वे, डिफेंस कॉरिडोर, मेडिकल कॉलेज और ऊर्जा परियोजनाओं पर जोर दे रही है। यह बदलाव संकेत देता है कि प्रदेश खर्च आधारित मॉडल से निवेश आधारित विकास की ओर बढ़ चुका है।
यूपी की मजबूती, भारत की प्रगति
आर्थिक विशेषज्ञ एवं प्रोफेसर डॉ राकेश तिवारी ने यूपी बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र और 10 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य तभी साकार होगा, जब उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य तेज और टिकाऊ विकास दर बनाए रखें। औद्योगिकीकरण, स्टार्टअप इकोसिस्टम, कृषि आधुनिकीकरण और डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार से प्रदेश राष्ट्रीय विकास का इंजन बन सकता है। कुल मिलाकर, 9.12 लाख करोड़ रुपये का यह बजट उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर बढ़ाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। यदि पूंजीगत निवेश का यह अनुपात जमीनी स्तर पर रोजगार, उद्योग और आय वृद्धि में तब्दील होता है तो उत्तर प्रदेश न केवल विकसित भारत 2047 के संकल्प को गति देगा, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
नई आर्थिक दिशा तय करेगी बजट
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश के बजट का बड़ा हिस्सा उपभोग आधारित खर्च वेतन, पेंशन और पारंपरिक योजनाओं में सिमटा रहता था, लेकिन अब तस्वीर बदल चुकी है। निवेश आधारित विकास मॉडल स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आया है। बजट का आकार कई गुना बढ़ा है और पूंजीगत व्यय का अनुपात मजबूत हुआ है, जिससे सड़क, एक्सप्रेस-वे, औद्योगिक कॉरिडोर और ऊर्जा परियोजनाओं को गति मिली है। इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्योग नीति अब केंद्र में हैं। साथ ही, ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य भी सरकारी नीति और आर्थिक विमर्श का अहम हिस्सा बन चुका है, जो प्रदेश की बदलती आर्थिक सोच को दर्शाता है।

