Tuesday, June 16, 2026
Homeउत्तर प्रदेशधार्मिक विरासत को विशिष्ट पहचान दे रही उत्तर प्रदेश सरकार, आकार ले...

धार्मिक विरासत को विशिष्ट पहचान दे रही उत्तर प्रदेश सरकार, आकार ले रहा ‘नाथ कॉरिडोर’

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अयोध्या, काशी और मथुरा के बाद अब बरेली स्थित ‘नाथ परंपरा’ से जुड़े धार्मिक स्थलों के विकास को नई रफ्तार मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में राज्य सरकार ने नाथ कॉरिडोर के तहत बरेली के 10 प्रमुख आध्यात्मिक स्थलों के एकीकृत विकास की महत्वाकांक्षी योजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। करीब 60 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से संचालित इन परियोजनाओं का उद्देश्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाओं के साथ एक समग्र आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक अनुभव उपलब्ध कराना है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने मंगलवार काे बताया कि ‘उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को विशिष्ट पहचान देने की दिशा में राज्य सरकार अब नाथ परंपरा से जुड़े भगवान शिव से जुड़े प्राचीन स्थलों को श्रृंखलाबद्ध विकसित कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नाथ कॉरिडोर के अंतर्गत प्रमुख शिव मंदिरों और धार्मिक स्थलों का पर्यटन विकास कराया जा रहा है। ‘विकास भी, विरासत भी’ की सोच को साकार करते हुए सरकार इन प्राचीन मंदिरों की पौराणिकता और आध्यात्मिक गरिमा को अक्षुण्ण रखते हुए आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का विस्तार कर रही है।’
धोपेश्वर, तपेश्वर और वनखंडी नाथ मंदिर
मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘बरेली में नाथ कॉरिडोर अंतर्गत प्रमुख धार्मिक स्थलों में प्राथमिकता के आधार पर पर्यटन विकास किया किया जा रहा है। इसके अंतर्गत, बरेली के सदर कैंट स्थित 5000 साल प्राचीन श्री धोपेश्वर नाथ मंदिर का पर्यटन विकास 7.74 करोड़ रुपए की लागत से, नगर के जोगी नवादा स्थित द्वापरयुगीन वनखंडी नाथ मंदिर का 5.82 करोड़ रुपए से, त्रिवटी नाथ मंदिर का पर्यटन विकास 06.55 करोड़ रुपए की लागत से और तपेश्वर नाथ मंदिर का पर्यटन विकास 8.36 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा है।
अलख नाथ, पशुपति नाथ मंदिर का पर्यटन विकास
इसके अतिरिक्त, नाथ कॉरिडोर अंतर्गत करीब 930 वर्ष पुराने अलख नाथ मंदिर का पर्यटन विकास 11.67 करोड़ रुपए से किया जा रहा है, जिसमें मुख्य द्वार से लेकर वैदिक लाइब्रेरी आदि का निर्माण होगा। नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मंदिर के समान ही पीलीभीत बाइपास पर बने श्री पशुपतिनाथ मंदिर का 2 करोड़ 98 लाख से अधिक की राशि से पर्यटन विकास किया जा रहा है। नाथ कॉरिडोर के अहम स्थल श्री तुलसी मठ के पर्यटन विकास पर प्रदेश सरकार की ओर से 9.71 करोड़ रुपए व्यय होंगे। इसी तरह, श्री मढ़ीनाथ मंदिर का भी पर्यटन विकास किया जा रहा है। परियोजना के तहत बरेली के प्रमुख एवं विशिष्ट 19 स्थलों पर 4.97 करोड़ रुपए की लागत से फोकस वॉल निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
कांवड़ यात्रियों के लिए विशेष प्रबंध
सावन मास में बरेली शहर आने वाले कांवड़ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 4 करोड़ रुपए से अधिक लागत से विभिन्न विकास कार्यों को धरातल पर उतारा जा रहा है। इन कार्यों में श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया जाएगा, जिससे कांवड़ यात्रा अधिक सुव्यवस्थित और सुविधाजनक बन सके।
वैदिक लाइब्रेरी…कांवड़ियों पर विशेष ध्यान
बरेली में नाथ कॉरिडोर के अंतर्गत होने वाले विकास कार्यों में यात्री विश्राम गृह, वैदिक लाइब्रेरी, मुख्य द्वार निर्माण, प्रसाद एवं फ्लोरिस्ट शॉप, सत्संग शेड, यात्री शेड, परिक्रमा मार्ग, लैंडस्केपिंग, एलईडी लाइटिंग, टॉयलेट ब्लॉक और सौंदर्यीकरण जैसे कार्य कराए जा रहे हैं। साथ ही फोकस वॉल निर्माण और कांवड़ यात्रियों के लिए मूलभूत सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments