Tuesday, June 16, 2026
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योगी सरकार के विज़न से यूपी बना वैश्विक निवेश का नया केंद्र, विदेशी कंपनियों का विश्वास बढ़ा

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब वैश्विक निवेश का पसंदीदा गंतव्य बनकर उभरा है। प्रदेश सरकार की स्थिर, पारदर्शी और सक्षम औद्योगिक नीतियों के कारण अंतरराष्ट्रीय कंपनियों का विश्वास बढ़ा है, जिससे यूपी ग्लोबल ब्रांड्स के निवेश के लिए एक सुरक्षित और मजबूत बाजार के रूप में स्थापित हो रहा है।

सरकार की प्रवक्ता ने शुक्रवार को बताया कि पिछले साढ़े आठ वर्षों में राज्य सरकार द्वारा तैयार किए गए उद्योग-अनुकूल वातावरण ने विदेशी कंपनियों को लखनऊ, नोएडा और कानपुर जैसे शहरों में विनिर्माण और सेवा आधारित इकाइयां स्थापित करने के लिए प्रेरित किया है। मुख्यमंत्री ने स्वयं कहा है कि उत्तर प्रदेश अब सिर्फ निवेश की संभावना नहीं, बल्कि निवेश के भरोसे का राज्य बन गया है। प्रदेश सरकार ने ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ और उद्योग-अनुकूल नीतियों के माध्यम से निवेश की राह में आने वाली हर बाधा को दूर करने के लिए ‘युद्ध स्तर’ पर काम किया है।

आईटी-इलेक्ट्रॉनिक्स और विनिर्माण सेक्टर को नई दिशा

आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में उत्तर प्रदेश की प्रगति विशेष रूप से उल्लेखनीय है। वैश्विक सप्लाई चेन की सक्रिय भागीदारी से नोएडा को इलेक्ट्रॉनिक्स हब का दर्जा मिला है। बड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनियां यहां मोबाइल और कंपोनेंट निर्माण के साथ-साथ डेटा आधारित सेवाओं में निवेश कर रही हैं। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में विकसित हो रहे अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग गलियारे ने प्रदेश को एशिया के प्रमुख तकनीकी केंद्रों की कतार में ला खड़ा किया है।

रोजगार और कौशल विकास में क्रन्तिकारी प्रगति

अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के आगमन ने स्थानीय युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसरों में बड़ी वृद्धि की है। कौशल विकास मिशन के तहत विदेशी कंपनियों की मांग के अनुसार प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य प्रदेश को भारत का सबसे बड़ा विनिर्माण केंद्र बनाना है।

प्रमुख निवेश के आंकड़े

वित्तीय वर्ष 2025-26 के सितंबर 2025 तक की अवधि में उत्तर प्रदेश को 683 मिलियन अमेरिकी डॉलर का विदेशी निवेश प्राप्त हुआ है। प्रदेश का कुल संचयी विदेशी निवेश अक्टूबर 2019 से अब तक 2,754 मिलियन अमेरिकी डॉलर के स्तर तक पहुंच चुका है।

अधिकारियों का कहना है कि जारी अवधि में प्रदेश को 5,963 करोड़ रुपये का विदेशी निवेश प्रवाह मिला है, जो पिछले वर्षों की तुलना में तीव्र वृद्धि को दर्शाता है। सरकार की स्थिर और पारदर्शी नीतियों ने विदेशी कंपनियों में भरोसा बढ़ाया है जिससे आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और विनिर्माण क्षेत्रों में नए अवसर सृजित हो रहे हैं।

एफडीआई एफसीआई फॉर्च्यून-500 नीति, 2023 के अंतर्गत 11 निवेश प्रस्ताव 13,610 करोड़ रुपये के हैं। 22 आवेदन 17,810 करोड़ रुपये के और पाइपलाइन में 29 प्रस्ताव 56,000 करोड़ रुपये के हैं। जापान, अमेरिका और बेल्जियम प्रमुख निवेशक देशों में सम्मिलित हैं।

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