जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में स्थित वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग, कम्युनिकेशन टुडे (जयपुर) तथा भारती विद्यापीठ इंस्टीट्यूट ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशंस एंड मैनेजमेंट, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को हिन्दी पत्रकारिता विषयक दो राष्ट्रीय वेबिनार आयोजित किए गए। कार्यक्रम में देशभर के शिक्षकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों और मीडिया पेशेवरों ने ऑनलाइन सहभागिता की।
पहला राष्ट्रीय वेबिनार “हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष : परंपरा, परिवर्तन और भविष्य” विषय पर आयोजित हुआ। अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता की यात्रा ‘उदन्त मार्तण्ड’ से शुरू होकर आज वैश्विक स्तर तक पहुंच चुकी है। यह केवल समाचार प्रसार का माध्यम नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की संरक्षक और सामाजिक चेतना की संवाहक रही है। उन्होंने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता जितनी सशक्त और विश्वसनीय होगी, देश का लोकतंत्र भी उतना ही मजबूत बनेगा।
मुख्य अतिथि एवं वरिष्ठ पत्रकार श्रीनारायण तिवारी ने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता ने 200 वर्षों में अनेक चुनौतियों का सामना करते हुए अपनी विश्वसनीयता बनाए रखी है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का दौर होने के बावजूद मानवीय बौद्धिक क्षमता का कोई विकल्प नहीं है तथा प्रिंट मीडिया की विश्वसनीयता आज भी कायम है।
मुख्य वक्ता प्रो. प्रमोद कुमार ने पत्रकारिता में सकारात्मक और रचनात्मक सामग्री की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि आज का पाठक समाधानपरक और सार्थक समाचारों को अधिक महत्व देता है। वहीं, प्रो. एम.एन. होडा ने एआई से उत्पन्न नई चुनौतियों की ओर ध्यान आकर्षित किया।
इसके बाद आयोजित दूसरे राष्ट्रीय वेबिनार “नई पीढ़ी की नज़र से हिन्दी पत्रकारिता” में प्रो. हरीश कुमार और प्रो. राघवेंद्र मिश्र ने हिन्दी पत्रकारिता की परंपरा, डिजिटल मीडिया के बढ़ते प्रभाव, वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से विचार रखे। वेबिनार में शोधपत्रों की प्रस्तुति भी की गई।
आयोजन सचिव एवं विभागाध्यक्ष प्रो. मनोज मिश्र ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. संजीव भनावत, संयोजन प्रियंका सिंह तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में जयंत राठी, पुष्पेंद्र सचान, डॉ. पृथ्वी सेंगर सहित आयोजन समिति के सदस्यों का विशेष योगदान रहा-

