
हस्तिनापुर (मेरठ)। विश्व हिंदू परिषद की केंद्रीय प्रन्यासी मंडल बैठक की सकुशलता एवं सफलता के लिए रविवार को हस्तिनापुर स्थित दिगंबर जैन मंदिर परिसर, जम्बूद्वीप में विधि-विधान से हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया। यह महत्वपूर्ण बैठक 15 से 20 दिसंबर तक जम्बूद्वीप परिसर में आयोजित हो रही है, जिसकी तैयारियाँ केंद्रीय एवं प्रांतीय अधिकारियों के नेतृत्व में अंतिम चरण में हैं। बैठक की व्यवस्थाओं में देशभर से सैकड़ों कार्यकर्ता जुटे हुए हैं।
रविवार प्रात: 7 बजे आयोजित हवन-यज्ञ में पंडित गोवर्धन शास्त्री ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से अनुष्ठान संपन्न कराया। हवन-यज्ञ के मुख्य यजमान बैठक के सर्वव्यवस्था प्रमुख प्रेम सिंह रहे। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री एवं अखिल भारतीय गौ रक्षा प्रमुख दिनेश उपाध्याय, केंद्रीय सह मंत्री एवं केंद्रीय कार्यालय सह प्रमुख मनोज वर्मा, प्रांत संगठन मंत्री अरुण कुमार, प्रांत मंत्री राजकुमार डूंगर, प्रांत सह मंत्री जितेंद्र चौधरी सहित प्रांत के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने आहुतियाँ अर्पित कीं।
हवन-यज्ञ के उपरांत केंद्रीय मंत्री दिनेश उपाध्याय ने बैठक स्थल का निरीक्षण कर आवास, भोजन, स्वच्छता, यातायात, प्रचार-प्रसार सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सभी प्रमुखों एवं कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि यह केंद्रीय प्रबंध समिति एवं प्रन्यासी मंडल की अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक है, जिसमें किसी भी प्रकार की चूक स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्व हिंदू परिषद की प्रन्यासी मंडल बैठकें नियमित रूप से आयोजित होती हैं और इस बार हस्तिनापुर में होने जा रही बैठक संगठनात्मक दृष्टि से विशेष महत्व रखती है।
दिनेश उपाध्याय ने बताया कि बैठक में धर्मांतरण, स्वरोजगार, गौ-रक्षा, जनसंख्या असंतुलन जैसे ज्वलंत विषयों पर गहन मंथन किया जाएगा। इसके साथ ही संगठन विस्तार, हिंदू समाज से जुड़े मुद्दों तथा भविष्य की योजनाओं पर भी विस्तृत चर्चा होगी।
देश-विदेश से होंगे प्रतिनिधि शामिल
केंद्रीय प्रन्यासी मंडल बैठक में विश्व हिंदू परिषद के शीर्ष नेतृत्व सहित देश-विदेश से बड़ी संख्या में प्रतिनिधि भाग लेंगे। जानकारी के अनुसार लगभग 40 अन्य देशों (विदेश) तथा भारत के 45 प्रांतों से कुल 473 प्रतिनिधि बैठक में उपस्थित रहेंगे। इसके अतिरिक्त बजरंग दल, मातृशक्ति एवं दुर्गा वाहिनी के वरिष्ठ अधिकारी, मातृशक्ति की बहनें भी बैठक में सहभागिता करेंगी। यह बैठक हस्तिनापुर को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वैचारिक मंथन का केंद्र बनाएगी।

